श्री लक्ष्मी अष्टोत्तर शतनामावली – लक्ष्मी जी के 108 नाम

वन्दे पद्ममकरां प्रसन्नवदनां सौभाग्यदां, हस्ताभ्या-अभयप्रदां मणिगणैर्नानाविधैर्भूषिताम । भक्ताभीष्टफलप्रदां हरिहर-ब्रह्मादिभि: सेवितां, पाश्र्वे पंकज-शंख-पद्म-निधिभिर्युक्तां सदा शक्तिभि:।। सरसिजनिलये सरोजहस्ते धवलतरांशुक-गन्ध-माल्य-शोभे । भगवति हरिवल्लभे मनोज्ञे। त्रिभुवन-भूतिकरि प्रसीद मह्यम।।   ऊँ प्रकृत्यै नम:। ऊँ विकृत्यै नम:। ऊँ विद्यायै नम:। ऊँ सर्वभूत-हितप्रदायै नम:। ऊँ श्रद्धायै नम:। ऊँ विभूत्यै नम:। ऊँ सुरभ्यै नम:। ऊँ परमात्मिकायै नम:। ऊँ वाचे नम:। ऊँ पद्मालयायै नम:।…

आरती श्रीकृष्ण कन्हैया की

आरती श्रीकृष्ण कन्हैया की, मथुरा-कारागृह-अवतारी, गोकुल जसुदा-गोद-विहारी, नंदलाल नटवर गिरिधारी, वासुदेव हलधर-भैया की ।। आरती ।। मोर-मुकुट पीताम्बर छाजै, कटि काछनि, कर मुरलि विराजै, पूर्ण सरद ससि मुख लखि लाजै, काम कोटि छबि जितवैया की ।। आरती ।। गोपीजन-रस-रास-विलासी, कौरव-कालिय-कंस-बिनासी, हिमकर-भानु-कृसानु-प्रकासी, सर्वभूत-हिय-बसवैया की ।। आरती ।। कहुँ रन चढ़ै भागि कहुँ जावै, कहुँ नृप कर,…

श्रीलक्ष्मीनारायण जी की आरती

  जय लक्ष्मी-विष्णो । जय लक्ष्मीनारायण, जय लक्ष्मी-विष्णो । जय माधव, जय श्रीपति, जय, जय, जय विष्णो ।। जय. ।। जय चम्पा सम-वर्णे जय नीरदकान्ते । जय मन्द्-स्मितशोभे जय अदभुत शान्ते ।। जय. ।। कमल वराभय-हस्ते शंखदिकधारिन । जय कमलालयवासिनि गरुड़ासनचारिन ।। जय. ।। सच्चिन्मयकरचरणे सच्चिन्मयमूर्ते । दिव्यानन्द-विलासिनि जय सुखमयमूर्ते ।। जय. ।। तुम त्रिभुवन…

केतु के मंत्र

केतु को सर्प का धड़ माना गया है और सिर के बिना धड़ को कुछ दिखाई नहीं देता कि क्या किया जाए और क्या नहीं. केतु की दशा में अकसर लोगों का मन विचलित रहते देखा गया है. बिना कारण की परेशानियाँ जीवन में आ जाती हैं. यदि कुण्डली में केतु शुभ भी है तब…

सप्तश्लोकी दुर्गा

शिव उवाच देवि त्वं भक्तसुलभे सर्वकार्यविधायिनी। कलौ हि कार्यसिद्धयर्थमुपायं ब्रूहि यत्नत: ।। देव्युवाच शृणु देव प्रवक्ष्यामि कलौ सर्वेष्टसाधनम । मया तवैव स्नेहेनाप्यम्बास्तुति: प्रकाश्यते ।। ऊँ अस्य श्रीदुर्गासप्तश्लोकीस्तोत्रमन्त्रस्य नारायण ऋषि: । अनुष्टुप छन्द: , श्रीमहाकालीमहालक्ष्मीमहासरस्वत्यो देवता: , श्रीदुर्गाप्रीत्यर्थ सप्तश्लोकीदुर्गापीठे विनियोग: । ऊँ ज्ञानिनामपि चेतांसि देवी भगवती हि सा । बलादाकृष्य मोहाय महामाया प्रयच्छति ।। 1 ।।…

कमल नेत्र स्तोत्र

  श्री कमल नेत्र कटि पीताम्बर, अधर मुरली गिरधरम । मुकुट कुण्डल कर लकुटिया, सांवरे राधेवरम ।। 1 ।। कूल यमुना धेनु आगे, सकल गोपयन के मन हरम । पीत वस्त्र गरुड़ वाहन, चरण सुख नित सागरम ।। 2 ।। करत केल कलोल निश दिन, कुंज भवन उजागरम । अजर अमर अडोल निश्चल, पुरुषोत्तम अपरा…

आरती हनुमान जी की

आरती कीजै हनुमान लला की | दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥ जाके बल से गिरवर काँपे | रोग दोष जाके निकट ना झाँके ॥ अंजनी पुत्र महा बलदाई | संतन के प्रभु सदा सहाई ॥ दे बीरा रघुनाथ पठाये | लंका जाये सीय सुधि लाये ॥ लंका-सो कोट समुद्र-सी खाई | जात पवनसुत बार…

आरती जय जगदीश हरे

ऊँ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे ।। टेक ।। भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे ।। ऊँ जय जगदीश… जो ध्यावे फल पावे, दुःख बिनसे मन का ।। प्रभु. ।। सुख सम्पति घर आवे, कष्ट मिटे तन का ।। ऊँ जय जगदीश… मात पिता तुम मेरे, शरण गहूं मैं किसकी ।।…

तुलसी माता की आरती

जय जय तुलसी माता, सबकी सुखदाता वर माता। सब योगों के ऊपर, सब रोगों के ऊपर, रज से रक्षा करके भव त्राता। बहु पुत्री है श्यामा, सूर वल्ली है ग्राम्या, विष्णु प्रिय जो तुमको सेवे सो नर तर जाता। हरि के शीश विराजत त्रिभुवन से हो वंदित, पतित जनों की तारिणि तुम हो विख्याता। लेकर…

बुधवार की आरती

आरती युगलकिशोर की कीजै। तन मन धन न्यौछावर कीजै॥ गौरश्याम मुख निरखन लीजै। हरि का रूप नयन भर पीजै॥ रवि शशि कोटि बदन की शोभा। ताहि निरखि मेरो मन लोभा॥ ओढ़े नील पीत पट सारी। कुजबिहारी गिरिवरधारी॥ फूलन सेज फूल की माला। रत्न सिंहासन बैठे नन्दलाला॥ कंचन थार कपूर की बाती। हरि आए निर्मल भई…

श्री विश्वकर्मा जी की आरती

ऊँ जय श्री विश्वकर्मा प्रभु जय श्री विश्वकर्मा । सकल सृष्टि के कर्ता रक्षक श्रुति धर्मा ॥1॥ आदि सृष्टि में विधि को, श्रुति उपदेश दिया । शिल्प शस्त्र का जग में,ज्ञान विकास किया ॥2॥ ऋषि अंगिरा ने तप से, शांति नही पाई । ध्यान किया जब प्रभु का, सकल सिद्धि आई ॥3॥ रोग ग्रस्त राजा ने,…

श्रीसत्यनारायण जी की आरती

जय लक्ष्मी रमणा, जय श्रीलक्ष्मी रमणा । सत्यनारायण स्वामी जन – पातक – हरणा ।। जय  ।। टेक रत्नजटित सिंहासन अदभुत छबि राजै । नारद करत निराजन घंटा-ध्वनि बाजै ।। जय ।। प्रकट भये कलि-कारण, द्विजको दरस दियो । बूढ़े ब्राह्मण बनकर कंचन-महल कियो ।। जय ।। दुर्बल भील कठारो, जिन पर कृपा करी ।…